What is an Overdraft Facility and How Does it Work?
December 26, 2025 | 4 mins read
ओवरड्राफ्ट लोन एक ऐसी क्रेडिट सुविधा है जो बैंक अपने ग्राहकों को उनके खाते में उपलब्ध बैलेंस से अधिक राशि निकालने की अनुमति देती है। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों ज़रूरतों के लिए उपयोगी है, खासकर तब जब अचानक नकदी की आवश्यकता हो। ओवरड्राफ्ट सुविधा में ब्याज केवल उपयोग की गई राशि पर लगता है, जो इसे पारंपरिक लोन से अलग बनाता है।
ओवरड्राफ्ट का अर्थ है खाते में उपलब्ध बैलेंस से अधिक राशि निकालने की सुविधा। लैंडर ग्राहक की साख, आय और बैंकिंग इतिहास के आधार पर एक ओवरड्राफ्ट लिमिट तय करता है। यह एक रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है, यानी चुकाने के बाद फिर से उपयोग किया जा सकता है।
ओवरड्राफ्ट करंट अकाउंट, सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले दिया जाता है। कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए यह कार्यशील पूंजी प्रबंधन का प्रमुख साधन है।
एल एंड टी फाइनेंस जैसी प्रमुख संस्थाएँ विशेष रूप से होम लोन ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान करती हैं। इसमें ग्राहक अपने होम लोन खाते में अतिरिक्त राशि जमा कर सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर उसे कभी भी निकाल सकते हैं, जिससे ब्याज में बचत हो सकती है।
मान लीजिए आपके खाते में ₹ 5,000 हैं और लैंडर ने ₹ 50,000 की ओवरड्राफ्ट लिमिट दी है। यदि आप ₹ 30,000 निकालते हैं, तो खाते में ₹ -25,000 दिखेगा। ब्याज केवल उपयोग की गई ₹ 25,000 पर लगेगा, न कि पूरी ₹ 50,000 लिमिट पर। जैसे ही खाते में पैसे आते हैं, ओवरड्राफ्ट राशि स्वतः कम होने लगती है।
ओवरड्राफ्ट लोन की निम्नलिखित विशेषताएँ इसे अन्य लोन उत्पादों से अलग बनाती हैं:
ओवरड्राफ्ट लोन की लिमिट लैंडर तय करता है। लिमिट से अधिक निकासी पर पेनल्टी और अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
ओवरड्राफ्ट सुविधा व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों ग्राहकों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है:
नियमित उपयोग और समय पर पुनर्भुगतान से ओवरड्राफ्ट सीमा बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
ओवरड्राफ्ट पर ब्याज दैनिक आधार पर उपयोग की गई राशि पर गणना की जाती है। मान लीजिए आपने ₹ 40,000 की राशि ओवरड्राफ्ट के रूप में निकाली और इसे 10 दिनों के बाद चुका दिया। यदि बैंक की वार्षिक ब्याज दर 12% है, तो गणना इस प्रकार होगी:
इस प्रकार, केवल 10 दिनों के उपयोग पर लगभग ₹ 131.5 ब्याज देना होगा, न कि पूरे महीने का।
ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल है:
डिजिटल बैंकिंग ग्राहकों के लिए कई बैंक प्री-अप्रूव्ड ओवरड्राफ्ट भी ऑफर करते हैं, जो बिना कागजी प्रक्रिया के तुरंत या कम समय में सक्रिय हो सकता है।
ओवरड्राफ्ट और अन्य लोन विकल्पों की तुलना नीचे दी गई है:
| पैरामीटर | ओवरड्राफ्ट लोन | पर्सनल लोन | क्रेडिट लाइन |
|---|---|---|---|
| ब्याज | केवल उपयोग की राशि पर | पूरे लोन पर | उपयोग पर |
| पुनर्भुगतान | फ्लेक्सिबल | निश्चित ईएमआई | फ्लेक्सिबल |
| स्वीकृति | तेज (अक्सर प्री-अप्रूव्ड) | मध्यम (3-7 दिन) तेज | तेज |
| शुल्क | कम | प्रोसेसिंग शुल्क अधिक | मध्यम |
| उपयुक्तता | अल्पकालिक नकदी ज़रूरत | मध्यम अवधि की ज़रूरत | बार-बार की ज़रूरत |
ओवरड्राफ्ट तब बेहतर है जब अल्पकालिक और अनिश्चित नकदी ज़रूरत हो। पर्सनल लोन तब उचित है जब एक निश्चित बड़ी राशि की ज़रूरत हो और चुकाने की क्षमता नियमित हो।
ओवरड्राफ्ट लोन अल्पकालिक और आपातकालीन नकदी ज़रूरतों के लिए एक फ्लेक्सिबल और किफायती विकल्प है। सही उपयोग से यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों स्तर पर वित्तीय प्रबंधन को आसान बनाता है। एल एंड टी फाइनेंस विशेष रूप से होम लोन ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान करता है, जो ग्राहकों को ब्याज बचाने और लिक्विडिटी बनाए रखने में मदद करती है। जानकारीपूर्ण निर्णय के लिए अपने ऋणदाता की ब्याज दर, शुल्क और पात्रता शर्तें ज़रूर जांचें।
लैंडर ग्राहक के क्रेडिट स्कोर, आय, बैंकिंग इतिहास और खाते के लेनदेन के आधार पर ओवरड्राफ्ट लिमिट तय करता है। अच्छा क्रेडिट स्कोर और नियमित खाता गतिविधि अधिक लिमिट दिलाने में सहायक है।
ओवरड्राफ्ट सुविधा आरबीआई के बैंकिंग नियमों के तहत आती है। आरबीआई बैंकिंग प्रणाली के लिए नियामकीय ढांचा तय करता है, जिसके तहत ऋणदाता अपनी ओवरड्राफ्ट नीतियां बनाते हैं।
ब्याज तब तक लागू रहता है जब तक ओवरड्राफ्ट राशि चुकाई नहीं जाती। दैनिक आधार पर गणना होती है, इसलिए जितनी जल्दी चुकाएं, उतना कम ब्याज देना होगा।
कुछ लैंडर ओवरड्राफ्ट स्वीकृति पर एकमुश्त प्रोसेसिंग शुल्क लगाते हैं। शुल्क संरचना लैंडर की नीति के अनुसार अलग होती है।
लिमिट आय, क्रेडिट स्कोर, बैंकिंग संबंध और यदि सुरक्षित ओवरड्राफ्ट है तो संपत्ति के मूल्य के आधार पर तय होती है।
हां। आय वृद्धि, बेहतर क्रेडिट स्कोर या अधिक मूल्य की संपत्ति जमा करके लैंडर से लिमिट बढ़ाने का अनुरोध किया जा सकता है।
अस्वीकरण:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। ओवरड्राफ्ट ब्याज दर, शुल्क और पात्रता शर्तें लैंडर की नीति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने लैंडर से परामर्श लें।